प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाय)

PM Fasal Bima Yojana 2023

देश  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा किसानों के हित के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का शुभारंभ किया गया है। इस योजना का शुभारंभ 13 मई 2016 को मध्यप्रदेश के सेहोर किया गया था। PMFBY के

 

अंतर्गत यदि किसी किसानों की फसल खराब हो जाती है तो ऐसी स्थिति में किसानों को बीमा कवर देने का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक किसान की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रीमियम राशि को काफी कम रखा गया है। केंद्र सरकार द्वारा इस योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 36 करोड़ किसानों को बीमा कवर प्रदान किया जा चुका है।

अभी तक इस Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के द्वारा किसानों को 1.8 लाख करोड़ रूपए की बीमा क्लेम राशि प्रदान की जा चुकी है। इस योजना का लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाना है। ताकि प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। जल्द ही सरकार द्वारा किसानों को फसल बीमा पॉलिसी देने के लिए घर-घर मित्रा अभियान शुरू किया जाएगा ताकि बिना किसी परेशानी के ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके। 

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में जानकारी

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana का उद्देश्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदा से हुए फसल नुकसान पर पीड़ित किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि किसानों को नवीन और आधुनिक कृषि पद्धति को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके और किसानों की आय को स्थिर और उनकी खेती में निरंतरता सुनिश्चित हो सके। इस योजना के तहत सरकार द्वारा किसानों को फसलों के नुकसान पर अलग-अलग धनराशि प्रदान की जाती है। देश के किसान इस योजना के तहत आवेदन कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना 

72 घंटे पहले देनी होती है जानकारी

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान होने पर किसानों की जिम्मेदारी है कि वह कृषि विभाग को 72 घंटे के अंदर फसल खराब होने की जानकारी से सूचित करें। इसके अलावा किसान को एक लिखित शिकायत जिला प्रशासन एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में देनी होती है। और अपनी फसल नुकसान का पूरा ब्यौरा लिख कर देना होता है। शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट द्वारा कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए सूचना बीमा कंपनी को तुरंत जानकारी दी जाती है। जिसके बाद बीमा कंपनी द्वारा सूचना मिलने पर किसान को बीमा कवर दिलाने की कार्यवाही शुरू हो होती है।

PM Fasal Bima Yojana के अंतर्गत मिलने वाली क्लेम राशि

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को नुकसान का क्लेम करना पड़ता है। प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान होने पर या दूसरा फसल कम होने पर किसान बीमा का क्लेम कर सकता है। फसलों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अलग-अलग धनराशि तय की गई है। कपास की फसल के लिए 36,282 रुपए अधिकतम प्रति एकड़ के हिसाब से क्लेम राशि दी जाती है। धान की फसल के लिए 37,484 रुपए, बाजरा की फसल के लिए 17,639 रुपए इसके अलावा मक्का की फसल के लिए 18,742 रुपए और मूंग की फसल के लिए 16,497 रुपए की बीमा क्लेम राशि प्रदान की जाती है। यह क्लेम राशि सर्वे में फसल क्षति की पुष्टि होने के बाद किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाती है। 

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के मुख्य बिंदु

  • Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के तहत प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों का नुकसान होने पर किसानों को बीमा कवर राशि दी जाती है।
  • इस योजना के अंतर्गत किसानों से रबी की फसल के लिए 1.5%, खरीफ की फसल के लिए 2% और वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम लिया जाता है।
  • किसानों द्वारा स्वयं से फसल बीमा करवाने पर बहुत कम प्रीमियम लिया जाता है।
  • अधिकतम सरकार द्वारा प्रीमियम भरा जाता है ताकि कोई भी किसान बीमा कवर प्राप्त करने से वंचित ना रहे जाए और जिससे आपदा में हुए नुकसान की भरपाई आसानी से हो सके।
  • फसल काटने के बाद यदि 14 दिन तक फसल खेत में है और उस दौरान को याद आ जाती है तो ऐसी स्थिति में किसान को दावा राशि प्राप्त हो सकेगी।
  • PMFBY में टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग किया जाता है ताकि सेटल करने के समय कम उपयोग किया जा सके।
  • एग्रीकल्चर इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को नियंत्रित किया जाता है।
  • इस योजना के तहत बजट 2016-17 में किसानों को 5550 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था।
  • इस योजना की शुरुआत से अब तक 36 करोड़ किसानों का बीमा किया जा चुका है। 

PM Modi Yojana

PM Fasal Bima Yojana में कौनकौन सी फसलें शामिल की गई है।

  1. खाद्य फसलें (अनाज-धान, गेहूं, बाजरा इत्यादि)
  2. वार्षिक वाणिज्यिक (कपास, जूट, गन्ना इत्यादि)
  3. दलहन (अरहर, चना, मटर और मसूर सोयाबीन, मूंग, उरद और लोबिया इत्यादि)
  4. तिलहन (तिल, सरसों, अरंडी, बिनौला, मूँगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तोरिया, कुसम, अलसी, नाइजरसीड्स इत्यादि)
  5. बागवानी फसलें (केला, अंगूर, आलू, प्याज, कसावा, इलायची, अदरक, हल्दी सेब, आम, संतरा, अमरूद, लीची, पपीता, अनन्नास, चीकू, टमाटर, मटर, फूलगोभी)

    Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana का उद्देश्य
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदा से हुए फसल नुकसान पर पीड़ित किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि किसानों को नवीन और आधुनिक कृषि पद्धति को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके और किसानों की आय को स्थिर और उनकी खेती में निरंतरता सुनिश्चित हो सके। इस योजना के तहत सरकार द्वारा किसानों को फसलों के नुकसान पर अलग-अलग धनराशि प्रदान की जाती है। देश के किसान इस योजना के तहत आवेदन कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

    प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना

    72 घंटे पहले देनी होती है जानकारी
    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान होने पर किसानों की जिम्मेदारी है कि वह कृषि विभाग को 72 घंटे के अंदर फसल खराब होने की जानकारी से सूचित करें। इसके अलावा किसान को एक लिखित शिकायत जिला प्रशासन एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में देनी होती है। और अपनी फसल नुकसान का पूरा ब्यौरा लिख कर देना होता है। शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट द्वारा कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए सूचना बीमा कंपनी को तुरंत जानकारी दी जाती है। जिसके बाद बीमा कंपनी द्वारा सूचना मिलने पर किसान को बीमा कवर दिलाने की कार्यवाही शुरू हो होती है।

    PM Fasal Bima Yojana के अंतर्गत मिलने वाली क्लेम राशि
    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को नुकसान का क्लेम करना पड़ता है। प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान होने पर या दूसरा फसल कम होने पर किसान बीमा का क्लेम कर सकता है। फसलों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अलग-अलग धनराशि तय की गई है। कपास की फसल के लिए 36,282 रुपए अधिकतम प्रति एकड़ के हिसाब से क्लेम राशि दी जाती है। धान की फसल के लिए 37,484 रुपए, बाजरा की फसल के लिए 17,639 रुपए इसके अलावा मक्का की फसल के लिए 18,742 रुपए और मूंग की फसल के लिए 16,497 रुपए की बीमा क्लेम राशि प्रदान की जाती है। यह क्लेम राशि सर्वे में फसल क्षति की पुष्टि होने के बाद किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाती है।

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के मुख्य बिंदु
    Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के तहत प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों का नुकसान होने पर किसानों को बीमा कवर राशि दी जाती है।
    इस योजना के अंतर्गत किसानों से रबी की फसल के लिए 1.5%, खरीफ की फसल के लिए 2% और वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम लिया जाता है।
    किसानों द्वारा स्वयं से फसल बीमा करवाने पर बहुत कम प्रीमियम लिया जाता है।
    अधिकतम सरकार द्वारा प्रीमियम भरा जाता है ताकि कोई भी किसान बीमा कवर प्राप्त करने से वंचित ना रहे जाए और जिससे आपदा में हुए नुकसान की भरपाई आसानी से हो सके।
    फसल काटने के बाद यदि 14 दिन तक फसल खेत में है और उस दौरान को याद आ जाती है तो ऐसी स्थिति में किसान को दावा राशि प्राप्त हो सकेगी।
    PMFBY में टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग किया जाता है ताकि सेटल करने के समय कम उपयोग किया जा सके।
    एग्रीकल्चर इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को नियंत्रित किया जाता है।
    इस योजना के तहत बजट 2016-17 में किसानों को 5550 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था।
    इस योजना की शुरुआत से अब तक 36 करोड़ किसानों का बीमा किया जा चुका है।
    PM Modi Yojana

    PM Fasal Bima Yojana में कौन–कौन सी फसलें शामिल की गई है।
    खाद्य फसलें (अनाज-धान, गेहूं, बाजरा इत्यादि)
    वार्षिक वाणिज्यिक (कपास, जूट, गन्ना इत्यादि)
    दलहन (अरहर, चना, मटर और मसूर सोयाबीन, मूंग, उरद और लोबिया इत्यादि)
    तिलहन (तिल, सरसों, अरंडी, बिनौला, मूँगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तोरिया, कुसम, अलसी, नाइजरसीड्स इत्यादि)
    बागवानी फसलें (केला, अंगूर, आलू, प्याज, कसावा, इलायची, अदरक, हल्दी सेब, आम, संतरा, अमरूद, लीची, पपीता, अनन्नास, चीकू, टमाटर, मटर, फूलगोभी)

    Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana का उद्देश्य
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदा से हुए फसल नुकसान पर पीड़ित किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि किसानों को नवीन और आधुनिक कृषि पद्धति को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके और किसानों की आय को स्थिर और उनकी खेती में निरंतरता सुनिश्चित हो सके। इस योजना के तहत सरकार द्वारा किसानों को फसलों के नुकसान पर अलग-अलग धनराशि प्रदान की जाती है। देश के किसान इस योजना के तहत आवेदन कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

    प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना

    72 घंटे पहले देनी होती है जानकारी
    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान होने पर किसानों की जिम्मेदारी है कि वह कृषि विभाग को 72 घंटे के अंदर फसल खराब होने की जानकारी से सूचित करें। इसके अलावा किसान को एक लिखित शिकायत जिला प्रशासन एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में देनी होती है। और अपनी फसल नुकसान का पूरा ब्यौरा लिख कर देना होता है। शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट द्वारा कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए सूचना बीमा कंपनी को तुरंत जानकारी दी जाती है। जिसके बाद बीमा कंपनी द्वारा सूचना मिलने पर किसान को बीमा कवर दिलाने की कार्यवाही शुरू हो होती है।

    PM Fasal Bima Yojana के अंतर्गत मिलने वाली क्लेम राशि
    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को नुकसान का क्लेम करना पड़ता है। प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान होने पर या दूसरा फसल कम होने पर किसान बीमा का क्लेम कर सकता है। फसलों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अलग-अलग धनराशि तय की गई है। कपास की फसल के लिए 36,282 रुपए अधिकतम प्रति एकड़ के हिसाब से क्लेम राशि दी जाती है। धान की फसल के लिए 37,484 रुपए, बाजरा की फसल के लिए 17,639 रुपए इसके अलावा मक्का की फसल के लिए 18,742 रुपए और मूंग की फसल के लिए 16,497 रुपए की बीमा क्लेम राशि प्रदान की जाती है। यह क्लेम राशि सर्वे में फसल क्षति की पुष्टि होने के बाद किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाती है।

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के मुख्य बिंदु
    Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के तहत प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों का नुकसान होने पर किसानों को बीमा कवर राशि दी जाती है।
    इस योजना के अंतर्गत किसानों से रबी की फसल के लिए 1.5%, खरीफ की फसल के लिए 2% और वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम लिया जाता है।
    किसानों द्वारा स्वयं से फसल बीमा करवाने पर बहुत कम प्रीमियम लिया जाता है।
    अधिकतम सरकार द्वारा प्रीमियम भरा जाता है ताकि कोई भी किसान बीमा कवर प्राप्त करने से वंचित ना रहे जाए और जिससे आपदा में हुए नुकसान की भरपाई आसानी से हो सके।
    फसल काटने के बाद यदि 14 दिन तक फसल खेत में है और उस दौरान को याद आ जाती है तो ऐसी स्थिति में किसान को दावा राशि प्राप्त हो सकेगी।
    PMFBY में टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग किया जाता है ताकि सेटल करने के समय कम उपयोग किया जा सके।
    एग्रीकल्चर इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को नियंत्रित किया जाता है।
    इस योजना के तहत बजट 2016-17 में किसानों को 5550 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था।
    इस योजना की शुरुआत से अब तक 36 करोड़ किसानों का बीमा किया जा चुका है।
    PM Modi Yojana

    PM Fasal Bima Yojana में कौन–कौन सी फसलें शामिल की गई है।
    खाद्य फसलें (अनाज-धान, गेहूं, बाजरा इत्यादि)
    वार्षिक वाणिज्यिक (कपास, जूट, गन्ना इत्यादि)
    दलहन (अरहर, चना, मटर और मसूर सोयाबीन, मूंग, उरद और लोबिया इत्यादि)
    तिलहन (तिल, सरसों, अरंडी, बिनौला, मूँगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तोरिया, कुसम, अलसी, नाइजरसीड्स इत्यादि)
    बागवानी फसलें (केला, अंगूर, आलू, प्याज, कसावा, इलायची, अदरक, हल्दी सेब, आम, संतरा, अमरूद, लीची, पपीता, अनन्नास, चीकू, टमाटर, मटर, फूलगोभी)

    Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana का उद्देश्य
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदा से हुए फसल नुकसान पर पीड़ित किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि किसानों को नवीन और आधुनिक कृषि पद्धति को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके और किसानों की आय को स्थिर और उनकी खेती में निरंतरता सुनिश्चित हो सके। इस योजना के तहत सरकार द्वारा किसानों को फसलों के नुकसान पर अलग-अलग धनराशि प्रदान की जाती है। देश के किसान इस योजना के तहत आवेदन कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

    प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना

    72 घंटे पहले देनी होती है जानकारी
    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान होने पर किसानों की जिम्मेदारी है कि वह कृषि विभाग को 72 घंटे के अंदर फसल खराब होने की जानकारी से सूचित करें। इसके अलावा किसान को एक लिखित शिकायत जिला प्रशासन एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में देनी होती है। और अपनी फसल नुकसान का पूरा ब्यौरा लिख कर देना होता है। शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट द्वारा कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए सूचना बीमा कंपनी को तुरंत जानकारी दी जाती है। जिसके बाद बीमा कंपनी द्वारा सूचना मिलने पर किसान को बीमा कवर दिलाने की कार्यवाही शुरू हो होती है।

    PM Fasal Bima Yojana के अंतर्गत मिलने वाली क्लेम राशि
    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को नुकसान का क्लेम करना पड़ता है। प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान होने पर या दूसरा फसल कम होने पर किसान बीमा का क्लेम कर सकता है। फसलों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अलग-अलग धनराशि तय की गई है। कपास की फसल के लिए 36,282 रुपए अधिकतम प्रति एकड़ के हिसाब से क्लेम राशि दी जाती है। धान की फसल के लिए 37,484 रुपए, बाजरा की फसल के लिए 17,639 रुपए इसके अलावा मक्का की फसल के लिए 18,742 रुपए और मूंग की फसल के लिए 16,497 रुपए की बीमा क्लेम राशि प्रदान की जाती है। यह क्लेम राशि सर्वे में फसल क्षति की पुष्टि होने के बाद किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाती है।

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के मुख्य बिंदु
    Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के तहत प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों का नुकसान होने पर किसानों को बीमा कवर राशि दी जाती है।
    इस योजना के अंतर्गत किसानों से रबी की फसल के लिए 1.5%, खरीफ की फसल के लिए 2% और वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम लिया जाता है।
    किसानों द्वारा स्वयं से फसल बीमा करवाने पर बहुत कम प्रीमियम लिया जाता है।

    PM Fasal Bima Yojana में कौन–कौन सी फसलें शामिल की गई है।
    खाद्य फसलें (अनाज-धान, गेहूं, बाजरा इत्यादि)
    वार्षिक वाणिज्यिक (कपास, जूट, गन्ना इत्यादि)
    दलहन (अरहर, चना, मटर और मसूर सोयाबीन, मूंग, उरद और लोबिया इत्यादि)
    तिलहन (तिल, सरसों, अरंडी, बिनौला, मूँगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तोरिया, कुसम, अलसी, नाइजरसीड्स इत्यादि)
    बागवानी फसलें (केला, अंगूर, आलू, प्याज, कसावा, इलायची, अदरक, हल्दी सेब, आम, संतरा, अमरूद, लीची, पपीता, अनन्नास, चीकू, टमाटर, मटर, फूलगोभी)

योजना का नाम  Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana
शुरू की गई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा
योजना की शुरुआत  13 मई 2016 को
मंत्रालयकृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय  
लाभार्थी  देश के किसान
उद्देश्य  किसानों को फसल संबंधित नुकसान की भरपाई करना
अधिकतम क्लेम राशि  2 लाख रूपए
आवेदन करने की प्रक्रिया  ऑनलाइन/ऑफलाइन
अधिकारिक  वेबसाइट  https://pmfby.gov.in/
  • प्रधानमंत्री फसल बिमा योजना के माध्यम से किसान को होने वाले नुकसान के लिए सरकार द्वारा बिमा प्रदान किया जायेगा |
  • इस योजना का लाभ वही किसान ले सकते है जिनका किसी प्राकृतिक आपदा के कारन नुकसान हुआ है |
  • अन्य किसी कारन से नुकसान होने पर इस योजना का लाभ नहीं ले सकते है |
  • योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते है |

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आप सभी पैसा लेना चाहते हैं, जैसे कि आपको पैसा आपको कांच में आपके चेहरे की तरह दिख रहा है जी हां अगर आप सही में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से पैसे कमाना चाहते हो तो इसके लिए आपको क्लेम करना होगा जिसको बोलते हैं बीमा का क्लेम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को सबसे पहले 72 घंटे के भीतर क्लेम करना

  • विशेषकर इस योजना के अंतर्गत अगर प्राकृतिक आपदाएं के रोगों के कारण अगर आप की फसल बर्बाद हो जाती हैं, तो सरकार के द्वारा आप का भुगतान किया जाएगा जितने आप का नुकसान हुआ है।
  • कृषि में किसानों को सुनिश्चित करने के लिए बीज का भी पैसा मिलेगा आपको।
  • और साथ में दोस्तों इसका उद्देश्य यह भी है, कि किसान विशेषकर कर्ज के कारण आत्महत्या कर लेते हैं, तो उससे भी आपको छुटकारा मिलेगा।
  • सरकारी सब्सिडी पर कोई ऊपरी सीमा नहीं है। यदि बचा हुआ प्रीमियम 90% होता है तो ये सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
  • शेष प्रीमियम बीमा कम्पनियों को सरकार द्वारा दिया जायेगा। ये राज्य तथा केन्द्रीय सरकार में बराबर-बराबर बाँटा जायेगा।
  • ये योजना राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (एन.ए.आई.एस.) और संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (एम.एन.ए.आई.एस.) का स्थान लेती है।
  • इसकी प्रीमियम दर एन.ए.आई.एस. और एम.एन.ए.आई.एस. दोनों योजनाओं से बहुत कम है साथ ही इन दोनों योजनाओं की तुलना में पूरी बीमा राशि को कवर करती है।

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